बिना मिले ही…..

बिना मिले ही तेरा यूँ मोहब्बत करना मुझसे,

बस तेरी यही चाहत तो मेरी समझ से परे है।

समझे बिना किसी को पसंद ना करो…..

समझे बिना किसी को पसंद ना करो और समझे बिना किसी को खो भी मत देना,

क्योंकि फिक्र दिल में होती हैं शब्दों में नहीं और गुस्सा शब्दों में होता हैं दिल में नहीं।

बेबसी के गुलाब…..

किस मंडी में ले जाऊं अपनी बेबसी के गुलाब,

यहाँ तो हर दुकान से खुदगर्ज़ी की बू आती है।